चौका थाना क्षेत्र में स्पोंज आयरन फैक्ट्रियों का ज़हरीला धुआं बना आफत, लोगो का जीना दूभर

सरायकेला/झारखंड


सरायकेला जिला के चौका थाना क्षेत्र में स्पोंज आयरन कारखानों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं और धुल प्रदूषण काफी समय से स्थानीय लोगों के लिए आफत बना हुआ है।जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।क्षेत्रवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इलाके में संचालित फैक्ट्रियों की चिमनियों से दिन-रात लगातार जहरीला धुआं और धुल छोड़ा जा रहा है, जिससे पुरे चौका और आसपास के इलाके काले धुल की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर सुबह घरों,आंगनों और छतों पर धूल की मोटी परत जम जाती है, जिससे सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है,फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं हवा में फैलकर धूलकणों में बदल जाता है, जो पेड़-पौधों, जलस्रोतों और घरों को प्रदूषित कर रहा है। इससे आंखों में जलन, त्वचा में खुजली और सांस संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं।बाहर में कपड़ा सुखाने के लिये छोड़ देने पर दोबारा से काला धुल से गंदा हो जाती है,किसान द्वारा तैयार फसल भी इन काला धुल से भर जाता है और गोभी जैसा पत्तेदार सब्जियों को धोने के बाद भी उसमें से काले धुल जाने का नाम ही नहीं लेता है।जिसको लेकर स्थानीयों लोगो में काफी असंतोष है।लोगो इन कारखानों से निकालने वाले जहरीले काला धुएं से निजात पाना चाहते है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता गुरु चरण साव ने कहा कि अब तक न तो विधानसभा और न ही संसद में इस गंभीर समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी आरोप लगाते हुए इस विशेष पर आवाज नहीं उठाने पर नाराजगी जताया है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मेरे द्वारा विभिन्न जगह लिखित सूचना भी दिए है।परन्तु आजतक किसी प्रकार का कोई कार्रवाई नहीं हुआ है।इस प्रदुषण से हर एक जीव प्रभावित है,नवजात शिशु से लेकर वृद्ध तक, क्षेत्र के आसपास जितने भी जंगल है उसमें रहने वाले जीव जंतु तक इससे प्रभावित है,उन्होंने कंपनी को आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक मशीनों का कम्पनी के द्वारा प्रयोग नहीं किया जाता है,चुकी उसमें अधिक खर्च लगता है, उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि “अब तो लगता है कि चौका में फैल रहे इस प्रदूषण को राज्य के मुख्यमंत्री भी नहीं रोक पाएंगे।” इस क्षेत्र में सिद्धि विनायक स्पोंज़ कंपनी, रुगड़ी(चौका), एमार एलॉय स्पोंज़, टूईडुंगरी(चौका), जय मंगला स्पोंज़(दुबराजपुर),चौका के आदि प्लांटों से रोज़ाना जहर फैलाया जा रहा है।जो वर्तमान एवं आनेवाले पीढ़ियों के लिए काफी चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र को राहत देने की मांग की है, जिससे फैलाया जा रहे प्रदूषण से स्थानीय लोगों को निजात मिल सके।

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