
सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल थाना क्षेत्र के नौका बिहार में विगत रात 8.30 बजे के आसपास जंगल से अचानक एक विशाल काय गजराज पर्यटक स्थल पहुंच गया,विशाल काय गजराज को देखकर मौजूद शैलानीयों एवं दुकानदारों में हड़कंप मच गया।सभी लोग डर से दुकानों में छिपने लगे,गनीमत है कि गजराज ने किसी प्रकार का तांडव न करते हुए किसी प्रकार का क्षति किए बिना ही वापस जंगल की और चला गया,जिससे लोगों की जान में जान आई,सारे लोग ने राहत का साँसे लिए,लोगो का कहना है कि वन विभाग को इसकी सूचना दी गई थी पर किसी प्रकार का कोई कार्रवाई नहीं हुई जिस कारण से गजराज जंगल से नौका बिहार चांडिल को पहुंचे थे। पर्यटक-दुकानदार में डर का माहौल बना हुआ है कहीं दोबारा से हाथी न आ जाए जिसका आशंका बना है।

बताना चाहेंगे नौका बिहार में रोज पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड से हजारों पर्यटक बोटिंग व प्राकृतिक आनंद लेने आते हैं।इस तरह का पर्यटन क्षेत्र में गजराज के अचानक आने से सैलानियों में दहशक का माहौल बन जाएगा जिससे सैलानी पर्यटन स्थल में आने से कतराएंगे जिसका सीधा असर पर्यटन स्थल पर बने दुकानदारों और बोटिंग पर पड़ेगा जो डैम विस्थापितों के द्वारा संचालित किया जाता है,जिससे उनका आजीविकाएं चलती है।
दलमा-सेंचुरी-गज परियोजना क्षेत्र के कारण से हाथियों का झुंड ईचागढ़ एवं आसपास के इलाके में पलायन कर चुका है।पिछले कोई सालों से ईचागढ़ विधानसभा एवं आसपास के क्षेत्र में हाथियों ने तांडव मचा रखा है,कभी किसी के फसल को खाकर नष्ट कर जाता है,कभी किसी गांव में घुसकर घर खलियान के धान चावल खा जाता है तथा दुकान,मकान को तोड़ देता है,तो कभी किसानों एवं आम जनो को कुचल कर मर डालता है।पिछले दो तीन सालों से किसानों का फसलों को लगातार हाथियों के द्वारा नष्ट किया जा रहा है,जिससे कोई किसानों ने फसल उगाना ही छोड़ दिया है।इस तरह ही स्थिति रही तो पुरा ईचागढ़ के लिए काफी दुखदायी होगा।
पुरा क्षेत्र के लोग चाहते है कि तत्काल ही हाथी को लेकर उचित टीम बनाया जाए एवं वन विभाग इस पर कड़ी नजर बनाए रखे और हाथी की सारी जरूरतों को पुरा करते हुए जंगल में ही हाथियों को रखने का उचित प्रयास करें,जिससे किसान एवं आम जन मानस सरलता के साथ अपना जीवन यापन कर पाए।
